Himachal: आम लोगों और कर्मचारियों को राहत देने के लिए हिमाचल सरकार ने लिया ये फैसला

कोरोना वायरस की स्थिति को देखते हुए हिमाचल सरकार ने आम नागरिकों और कर्मचारियों को राहत प्रदान करने का फैसला किया है। हिमाचल के राशन कार्ड उपभोक्ताओं को एक अप्रैल से दो महीने आटा व चावल का कोटा एक साथ मिलेगा। यह कोटा अप्रैल और मई महीने का होगा। हिमाचल में कालाबाजारी रोकने के लिए सरकार ने यह व्यवस्था की है। सरकार ने इस बारे जिला खाद्य नियंत्रक अधिकारी को निर्देश दिए हैं। कोरोना के चलते हिमाचल में कालाबाजारी हो रही है। दूसरे लोग पांच से छह महीने का राशन दुकानों से उठा रहे हैं। इन सब पर अंकुश लगाने के लिए सरकार ने डिपो होल्डरों को एक अप्रैल से लोगों को दो महीने यानि अप्रैल और मई महीने आटा और चावल देने का फैसला किया है।
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग सचिव अमिताभ अवस्थी ने कहा किसरकार की और से राज्य के सभी राष्ट्रीय भारतीय सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) परिवारों को अप्रैल व मई माह का आटा व चावल का कोटा तुरंत वितरित करने के आदेश जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि खाद्यान्नों का मिलवार व जिलावार आवंटन कर दिया गया है। इसके साथ ही भवन एवं कामगार कल्याण बोर्ड में पंजीकृत लगभग 1.50 लाख कामगारों को दो हजार रुपए की एक मुश्त तुरंत राहत दी जाएगी।
इसके साथ ही सरकार ने विभिन्न विभागों में कार्यरत हजारों कर्मचारियों के हित में बड़ा निर्णय लिया है। सरकार कर्मचारियों को अप्रैल माह से बढ़ा हुआ मानदेय जारी करने का फैसला लिया है। इन कर्मचारियों में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिकाएं, मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा वर्कर, सिलाई-कढ़ाई अध्यापिकाओं, मिड डे मील, जलरक्षक, पैरा फिटर, पैरा पंप ऑपरेटर, नंबरदार, चौकीदार को पहली अप्रैल से बढ़ा हुआ मानदेय जारी होगा।
दिहाड़ी 275 रुपये हुई
प्रदेश में मजदूरों और कामगारों की दिहाड़ी बढ़ा दी गई है। सामान्य अकुशल मजदूरों और कामगारों की दिहाड़ी 250 रुपये से बढ़ाकर 275 कर दी गई है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की बजट घोषणा के बाद यह बढ़ोतरी की गई है जो अगले वित्तीय वर्ष में एक अप्रैल से बढ़ेगी। मजदूरों और कामगारों के मानदेय को भी 31 रुपये 25 पैसे से बढ़ाकर 34 रुपये 50 पैसे किया गया है। इस बारे में सभी विभागाध्यक्षों और नियंत्रण अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं कि वह इस बारे में दिए गए दिशा-निर्देशों को लागू करें। प्रधान सचिव वित्त प्रबोध सक्सेना की ओर से जारी की गई इस अधिसूचना के अनुसार बेलदार, कुक, माली-चौकीदार, हेल्पर, सफाई कर्मचारी, पंप सहायक समेत करीब 50 श्रेणियों के मजदूरों की दिहाड़ी 250 से बढ़ाकर 275 कर दी गई है।
इसके अलावा अन्य अर्धकुशल और कुशल कामगारों की भी अलग-अलग दर से बढ़ाई गई है। इसमें पंप ऑपरेटर और प्लंबर आदि श्रेणियों की दिहाड़ी 288, कैनमैन की दिहाड़ी 305, सुरक्षा कर्मी, टेलीफोन अटेंडेंट, फिटर मेकैनिक समेत कई श्रेणियों की दिहाड़ी 321 और चालक मिस्त्री लाइनमैन की दिहाड़ी 336, जूनियर ड्राफ्टमैन, सर्वेयर अधिकारी की 408, इन्वेस्टीगेटर, कंप्यूटर ऑपरेटर आदि की दिहाड़ी 439 की गई है। इन कर्मचारियों में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिकाएं, मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा वर्कर, सिलाई-कढ़ाई अध्यापिकाओं, मिड डे मील वर्कर्स भी शामिल है।
स्वास्थ्य विभाग को 10 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि स्वीकृत वहीं, राज्य सरकार ने कोविड-19 महामारी से निपटने व अन्य बचाव उपायों के लिए स्वास्थ्य विभाग को 10 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि स्वीकृत की है। राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने यह जानकारी देते हुए बताया कि यह राशि पहले स्वीकृत किए गए पांच करोड़ रुपये के अतिरिक्त है। उन्होंने कहा कि यह राशि राज्य आपदा प्रतिक्रिया राशि से व्यक्तिगत रक्षात्मक उपकरण क्रय करने और राज्य में प्रयोगशाला सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए स्वीकृत की गई है।
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