Mandi: पुलिस की बड़ी लापरवाही, रोक के बावजूद पर्यटकों से भरी बस पहुंच गई सुंदरनगर

हिमाचल प्रदेश में पर्यटकों को न आने की आदेश व सतर्कता के बावजूद बड़ी लापरवाही सामने आई है। हरियाणा रोडवेज की बस में देश के विभिन्न हिस्सों व विदेश से पर्यटक मंडी पहुंच गए। बताया जा रहा है इन 40 लोगों को बस सहित वापस भेज दिया गया। हरियाणा रोडवेज की बस में सवार हाेकर ये लोग मनाली की ओर जा रहे थे। इनमें दो मुंबई निवासी, 20 नेपाली, छह केरल के और पांच इजराइली लोगों को चंडीगढ वापस भेजा। प्रशासन ने इन सभी को सुबह 5 बजे सुंदरनगर डिपो की बस में भेजा तथा हिमाचल के बॉर्डर स्वारघाट तक इन सभी का किराया भी खुद प्रशासन ने वहन किया।
एसडीएम सुंदरनगर राहुल चौहान ने कहा कि देर रात से नाका लगाया हुआ है। बाहर से आने वाली हर बस की जांच की जा रही है। बिलासपुर प्रशासन की घोर लापरवाही सामने आई है, बस स्वारघाट में ही हिमाचल की सीमा में प्रवेश की थी, बस को वहीं रोक देना चाहिए था।
कोरोना वायरस के बढ़ते खतरे को मद्देनजर रखते हुए हिमाचल प्रदेश के पर्यटन स्थल कुल्लू-मनाली में रोक के बावजूद पर्यटकों का आना जारी है। सुंदरनगर प्रशासन ने शनिवार को बस अड्डा में कुल्लू-मनाली जाने वाले बाहरी पर्यटकों को बस से उतारकर वापस भेजा।
वापस भेजने पर एसडीएम, डीएसपी, एसएचओ और स्वास्थ्य विभाग के कर्मियों से काफी देर तक बहस भी चलती रही। काफी समझाने के बाद उन्हें एचआरटीसी की सुंदरनगर-चंडीगढ़ रूट की बस में बैठाकर वापस भेजा गया। रात एक बजे से शुरु हुआ बसों की चेकिंग का यह अभियान सुबह 7 बजे तक चलता रहा।
प्रशासन की टीम द्वारा इस दौरान कुल 26 बसों को रोककर यात्रियों की जांच की गई। सभी का पहचान पत्र भी चेक किया गया। इन यात्रियों में शामिल चंडीगड़ पीजीआइ के एक फिजियोथेरेपिष्ट को पहचान पत्र के बिना परेशानी का सामना करना पड़ा। मोबाइल पर पहचान पत्र आने के बाद ही उसे जाने दिया गया। वह मनाली में अपने किसी जानने वाले मरीज के उपचार के लिए जा रहा था।
इस चेकिंग अभियान के दौरान डीएसपी गुरबचन सिंह, बीएमओ डॉक्टर अविनाश पंवर, सिविल अस्पताल सुंदरनगर के प्रभारी डॉक्टर चमन सिंह ठाकुर, एसएचओ कमलकांत शर्मा और पुलिस व स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी भी मौजूद रहे।
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