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Una: सरकारी अस्पताल में दो घंटे तड़पते रहे मरीज, जांच के लिए ड्यूटी पर नहीं आए डॉक्टर

the patient was suffering for two hours in a government hospital

ऊना : हिमाचल सरकार द्वारा बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के बड़े बड़े दावे किए जाते है। लेकिन क्षेत्रीय अस्पताल ऊना अक्सर सरकार के दावों की पोल कर रख देता है। इस बार मरीजों को तत्काल स्वास्थ्य सुविधा मिलने की पोल उस समय खुली जब क्षेत्रीय अस्पताल की हाईटैक एमरजेंसी में पौने दो घंटे तक कोई डॉक्टर ही नहीं था। करीब दो घंटे तक एमरजेंसी में मरीज इलाज के लिए कराहते रहे। लेकिन डॉक्टर न होने के चलते उन्हें समय पर इलाज नहीं मिल पाया। वहीं इस दौरान मरीजों को लेकर पहुंचे तीमारदार भी खासे परेशान दिखे। लेकिन जब मीडिया की टीम अस्पताल में पहुंची तो एमरजेंसी में मौजूद स्टाफ उच्च अधिकारियों को फोन घुमाने लगा जिसके आधे घंटे बाद ही डाक्टर अस्पताल में पहुंचे और मरीजों का उपचार शुरू किया।

वहीं सीएमओ ऊना ने मामले की जांच का दावा किया है। वहीं क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में रात करीब 8 बजकर 45 मिनट पर पुलिस जवान एक आरोपी का एमएलसी करवाने पहुंचे, लेकिन कुछ देर बाद ही तैनात चिकित्सक अपनी डयूटी खत्म कर चले गए। जिसके बाद कोई भी चिकित्सक नहीं पहुंचा।  ऐेसे में करीब अढाई घंटे के लंबे इंतजार के बाद चिकित्सक पहुंचे और एमएलसी काटी गई। जिससे पुलिस जवानों को न केवल डॉक्टर का इंतजार करना पड़ा, बल्कि परेशानी भी झेलनी पड़ी। एमरजेंसी में उपचाराधीन मरीजों और उनके तीमारदारों का कहना है कि अस्पताल का सिस्टम बिल्कुल बेकार है।

रात पौने 9 बजे के बाद से एमरजेंसी में कोई भी चिकित्सक नहीं था। काफी बार स्टॉफ नर्स को आग्रह किया गया, लेकिन तब भी डॉक्टर नहीं पहुंचे। उन्होंने कहा कि जिला के सबसे बड़े क्षेत्रीय अस्पताल का क्या फायदा, जब एमरजेंसी में ही सही समय पर चिकित्सक न मिले। वहीं सीएमओ ऊना डा. रमन शर्मा का कहना है कि शनिवार रात्रि के समय डा. रमन की डयूटी थी, लेकिन उन्होंने बिना बताए छुट्टी कर ली। जिसकी जानकारी उन्हें स्टॉफ द्वारा रात करीब सवा दस बजे दी गई। जिसके बाद एमरजेंसी में डा. आयुष को बुलाया गया। उन्होंने कहा कि बिना बताएं डयूटी पर न आने को लेकर डा. रमन के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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