11 बार सिगरेट से दागा, भूखा रखा, लात भी मारी… लखनऊ गुरुकुल हत्याकांड से कांप उठे कलेजा; 11 वर्षीय दिव्यांश की बेरहमी से हत्या

- लखनऊ गुरुकुल हत्याकांड : सिगरेट से दागा, भूखा रखा और लात मारकर ले ली जान; साक्ष्य मिटाने में मदद करने वाली महिला मित्र भी गिरफ्तार
- 11 साल के मासूम की बेरहमी से हत्या, संचालक ने कबूला गुनाह
लखनऊ गुरुकुल हत्याकांड : राजधानी के आलमनगर स्थित गुरुकुल में 11 वर्षीय छात्र दिव्यांश द्विवेदी की बर्बर हत्या के मामले में मुख्य आरोपी संचालक कन्हैया उर्फ सौरभ ने पुलिस पूछताछ में अपना गुनाह कबूल कर लिया है। आरोपी ने बताया कि छात्र की “शैतानी” से परेशान होकर उसने पहले उसकी पिटाई की और फिर लात मारी, जिससे उसकी मौत हो गई।
पुलिस ने आरोपी के साथ उसकी महिला मित्र हर्षिता सोनी को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। हर्षिता पर साक्ष्य मिटाने का आरोप है।
चार दिन तक दी गई यातनाएं, पोस्टमार्टम में खुलासा
जांच में सामने आया है कि दिव्यांश को कई दिनों तक अमानवीय यातनाएं दी गईं।
- हाथ-पैर बांधकर कमरे में बंद रखा गया
- भूखा-प्यासा रखा गया
- डंडों से बेरहमी से पीटा गया
- सिगरेट से शरीर को दागा गया
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मासूम के शरीर पर 42 चोट और जलाने के निशान मिले हैं, जो इस घटना की क्रूरता को उजागर करते हैं।
लात मारने से दीवार से टकराया, हुई मौत
आरोपी ने बताया कि गुस्से में उसने दिव्यांश को जोर से लात मारी, जिससे वह दीवार से टकरा गया। सिर और नाक में गंभीर चोट लगने के बाद कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई। घटना के बाद घबराए आरोपी ने पहले शव को ठिकाने लगाने की योजना बनाई, लेकिन गुरुकुल में अन्य बच्चों की मौजूदगी के कारण ऐसा नहीं कर सका। अगले दिन वह शव को कार से लेकर कानपुर के महाराजपुर स्थित उसके घर के बाहर छोड़कर फरार हो गया।
महिला मित्र ने मिटाए सबूत, कैमरे तोड़े
आरोपी ने घटना की जानकारी अपनी महिला मित्र हर्षिता को दी, जो मौके पर पहुंची और साक्ष्य मिटाने की कोशिश की।
- गुरुकुल के CCTV कैमरे तोड़े गए
- घटनास्थल साफ करने का प्रयास किया गया
हालांकि पुलिस ने जांच में अहम फुटेज बरामद कर ली, जिससे दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी संभव हो सकी।
रिश्ते का भी कत्ल: आरोपी निकला ‘मामा’
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी कन्हैया रिश्ते में दिव्यांश का मामा लगता है।
इस रिश्ते के बावजूद उसने अपने ही भांजे को बेरहमी से मार डाला, जिससे परिवार और गांव में भारी आक्रोश है।
जांच होगी लखनऊ ट्रांसफर
महाराजपुर थाना प्रभारी राजेश कुमार के अनुसार, घटना लखनऊ के पारा थाना क्षेत्र में हुई थी, इसलिए मुकदमा वहीं ट्रांसफर किया जाएगा और आगे की जांच पारा पुलिस करेगी।
कैसे खुला मामला
दिव्यांश के पिता नरेंद्र द्विवेदी ने आर्थिक तंगी के चलते एक सप्ताह पहले ही बेटे को गुरुकुल में पढ़ने भेजा था।
- गुरुकुल से फोन आया कि बच्चा सीढ़ियों से गिरकर घायल हो गया
- कुछ ही देर बाद आरोपी खुद शव लेकर घर पहुंचा और फरार हो गया
शरीर पर गंभीर चोटों के निशान देखकर परिजनों को शक हुआ और पुलिस को सूचना दी गई।
गुरुकुल में डर का माहौल
वहीं, गुरुकुल के एक छात्र ने बताया कि आरोपी अनुशासन के नाम पर बच्चों के साथ अक्सर मारपीट करता था।
- छोटी-छोटी गलतियों पर भी कठोर सजा दी जाती थी
- बच्चों को धमकाया जाता था कि घर पर कुछ बताया तो सजा दोगुनी होगी
इस डर के कारण बच्चे चुपचाप अत्याचार सहते रहे।
परिजनों का दर्द: ‘इंसान नहीं, जल्लाद है’
मासूम की मौत के बाद परिवार में मातम पसरा है।मां नीरज देवी ने आरोपियों के लिए फांसी की सजा की मांग करते हुए कहा कि “यह इंसान नहीं, जल्लाद है।” पिता नरेंद्र द्विवेदी ने कहा कि उन्होंने बेटे का भविष्य बनाने के लिए गुरुकुल भेजा था, लेकिन वहां उसकी जिंदगी ही खत्म कर दी गई।
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