300 मेहमान इंतजार में… रात 1 बजे खुला ऐसा राज, बच गई बेटी की जिंदगी

दमोह : मध्य प्रदेश के दमोह में सोमवार की रात एक शादी समारोह में जो कुछ हुआ, वह किसी फिल्मी थ्रिलर से कम नहीं था। शहर के रेलवे इंस्टीट्यूट हॉल में शहनाइयां बज रही थीं, टेंट सजा था और करीब 300 मेहमान भोजन का लुत्फ उठा रहे थे। लेकिन जैसे-जैसे घड़ी की सुइयां रात के 1 बजे की ओर बढ़ीं, शादी की खुशियां दहशत और सस्पेंस में बदल गईं। एक ‘फेसबुकिया प्यार’ और फर्जी नौकरी के जाल में फंसकर एक बेटी की जिंदगी बर्बाद होने ही वाली थी कि परिजनों की समझदारी ने खेल बिगाड़ दिया।
रात 1 बजे तक बारात का इंतजार और फिर खौफनाक खुलासा
शाजापुर निवासी एक युवक ने खुद को रेलवे कर्मचारी बताकर दमोह की रैकवार समाज की लड़की से रिश्ता तय किया था। सोमवार रात बारात आनी थी। बग्गी, बाजा और वरमाला की पूरी तैयारी थी। हॉल में दूल्हा बना मोनू अपने दो साथियों के साथ पहले से मौजूद था। जब रात 11 बजे तक बारात नहीं आई, तो लड़की पक्ष ने सवाल किए। दूल्हे ने बहाना बनाया कि बारात की बस गढ़ाकोटा में खराब हो गई है। लेकिन जब रात के 1 बज गए और कोई नहीं आया, तो परिजनों का माथा ठनका।
पूछताछ में टूटा झूठ का किला: रेलवे कर्मचारी नहीं, निकला फ्रॉड
संदेह होने पर जब लड़की के परिजनों ने दूल्हे और उसके साथियों को घेरा और सख्ती से पूछताछ की, तो सच्चाई सामने आते ही सबके पैरों तले जमीन खिसक गई। जिसे सब ‘रेलवे बाबू’ समझ रहे थे, वह एक शातिर जालसाज निकला। युवक ने कुबूल किया कि वह रेलवे में नौकरी नहीं करता और वह दो दिन पहले ही दमोह आकर छिपा हुआ था। उसने अपने नाम को लेकर भी विरोधाभासी बातें कहीं। परिजनों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी और तीनों को खाकी के हवाले कर दिया।
फेसबुक से बुना गया था जालसाजी का ताना-बाना
जांच में सामने आया कि आरोपी ने फेसबुक पर फर्जी आईडी बनाकर लड़की को अपने जाल में फंसाया था। लड़की के पिता नहीं होने के कारण उसने अपनी बुआ को इस रिश्ते के बारे में बताया था। आरोपी ने खुद को महू (Mhow) में पदस्थ रेलवे कर्मचारी बताया था। लड़की पक्ष के लोग जब उसे देखने शाजापुर गए, तब भी वह उनकी आंखों में धूल झोंकने में कामयाब रहा। उसकी बातों पर भरोसा कर शादी की तारीख तय कर दी गई थी।
पुलिस की सुस्ती पर उठे सवाल: अब तक नहीं हुई एफआईआर!
हैरानी की बात यह है कि इतना बड़ा फर्जीवाड़ा होने और आरोपियों के पुलिस हिरासत में होने के बावजूद, मंगलवार दोपहर तक औपचारिक मामला दर्ज नहीं हो सका था। कोतवाली टीआई और सीएसपी स्तर के अधिकारी मामले में जानकारी जुटाने की बात कह रहे हैं। फिलहाल लड़की पक्ष के लोग इस सदमे से उबरने की कोशिश कर रहे हैं कि कैसे एक फेसबुक फ्रेंड ने उनकी खुशियों को मातम में बदलने की साजिश रची थी।
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