‘चुपके से मैंगोशेक पीेने पर निर्वस्त्र कर घर से निकाला था’, 5वीं मंजिल से कूदा अधिवक्ता प्रियांशु; सुसाइड नोट में लिखा- पापा जीत गए, उन्हें जीत मुबारक

- “पापा जीत गए, उन्हें जीत मुबारक हो”- पिता की डांट और मानसिक प्रताड़ना का आरोप, परिवार पर उठे सवाल
- कानपुर कचहरी में दर्दनाक घटना: प्रशिक्षु अधिवक्ता ने 5वीं मंजिल से कूदकर दी जान, दो पन्नों का सुसाइड नोट मिला
कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर नगर कचहरी परिसर में गुरुवार को एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहां 24 वर्षीय प्रशिक्षु अधिवक्ता प्रियांशु श्रीवास्तव ने न्यायालय भवन की पांचवीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली। घटना से पहले उन्होंने दो पन्नों का सुसाइड नोट लिखा था, जिसे पढ़कर हर कोई स्तब्ध रह गया।
सुसाइड नोट में गंभीर आरोप
सुसाइड नोट में प्रियांशु ने अपने पिता राजेंद्र कुमार श्रीवास्तव पर मानसिक प्रताड़ना, बेइज्जती और अत्यधिक दबाव डालने के गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने लिखा कि उनके पिता का व्यवहार उनके लिए “मानसिक यातना” बन गया था, जिससे वे टूट चुके थे।
प्रियांशु के आखिरी शब्द -“पापा जीत गए…”
सुसाइड नोट में सबसे दर्दनाक लाइन सामने आई- “पापा जीत गए, उन्हें जीत मुबारक हो।”
प्रियांशु ने लिखा कि वह अब इस जीवन को और नहीं झेल सकते और उनकी अंतिम इच्छा है कि उनके शव को उनके पिता न छुएं।
बचपन से मानसिक तनाव का दावा
नोट के अनुसार, प्रियांशु ने बचपन की घटनाओं का भी जिक्र किया—
- छोटी उम्र में मामूली गलती पर सख्त सजा
- सार्वजनिक रूप से बेइज्जती का आरोप
- पढ़ाई और करियर को लेकर लगातार दबाव
- हर गतिविधि पर निगरानी और शक
उन्होंने लिखा कि यह सब उनके मानसिक स्वास्थ्य को लगातार प्रभावित करता रहा।
कचहरी में छलांग, मौके पर मौत
घटना के दिन प्रियांशु ने कचहरी भवन की पांचवीं मंजिल से छलांग लगा दी।
मौके पर मौजूद सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें तुरंत उर्सला अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
व्हाट्सएप स्टेटस पर भी डाला सुसाइड नोट
पुलिस के अनुसार, घटना से करीब तीन घंटे पहले ही प्रियांशु ने सुसाइड नोट को अपने व्हाट्सएप स्टेटस पर साझा कर दिया था। इसके बाद परिवार उन्हें खोजता रहा, लेकिन तब तक वह कचहरी पहुंच चुके थे।
परिवार और समाज पर भी सवाल
सुसाइड नोट में प्रियांशु ने पिता पर कार्रवाई न करने की बात लिखी है, साथ ही मां और बहन के लिए प्रेम भी जताया है।
घटना के बाद परिवार में गहरा शोक है और इलाके में भी तनाव का माहौल है।
पुलिस जांच जारी
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और सुसाइड नोट को अहम साक्ष्य के रूप में देखा जा रहा है। शुरुआती जांच में इसे पारिवारिक तनाव और मानसिक दबाव से जुड़ा मामला माना जा रहा है।
पिछली घटना से जुड़ा संदर्भ
कचहरी परिसर में पिछले एक साल के भीतर यह दूसरी आत्महत्या की घटना है, जिससे सुरक्षा व्यवस्था और मानसिक स्वास्थ्य सहायता को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
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