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‘किन्नर पिता की आत्मा ने कहा था…’, बेटी की बलि दे रहा था पिता, रास्ते से गुजर रहे लोगों ने बच्ची को बचाया

Kanpur : कानपुर के बिधनू कस्बे में एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। यहां एक पिता ने कथित तांत्रिक क्रिया और अंधविश्वास के नाम पर अपनी ही आठ वर्षीय बेटी की बलि चढ़ाने की कोशिश की, जिसे राहगीरों ने सूझबूझ से रोक दिया।

घटना के दौरान बच्ची की चीख-पुकार सुनकर वहां मौजूद लोगों ने तुरंत नहर में छलांग लगाकर उसकी जान बचाई, जिसके बाद उन्होंने आरोपी पिता की भी पिटाई कर दी। घटना के बाद पुलिस ने मासूम बच्ची को उसके चाचा-चाची के सुपुर्द कर दिया है और आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

यह घटना रामगंगा नहर किनारे हुई, जो बिधनू थाने से मात्र 300 मीटर की दूरी पर स्थित है। जानकारी के अनुसार, औंधा गांव निवासी सौरभ सैनी अपने भाई राहुल सैनी के साथ वहां नया मकान बनवा रहा था। परिवार के सदस्यों का कहना है कि सौरभ लंबे समय से मानसिक रूप से अस्वस्थ है। वह अक्सर महिलाओं जैसी वेशभूषा में रहता है और तंत्र-मंत्र, जादू-टोने में डूबा रहता है। इसी वजह से उसकी पत्नी लगभग सात साल पहले उसे छोड़कर चली गई थी।

राहुल सैनी ने बताया कि उन्होंने मकान बनाने के लिए सौरभ को 80 हजार रुपये दिए थे। लेकिन सौरभ ने इस रकम का उपयोग निर्माण कार्य में नहीं किया, बल्कि वह अपने लिए ट्रॉली बैग, झूला, बेटी के नए कपड़े, महंगी साड़ियां और मेकअप का सामान खरीदने में लगा दिया। शनिवार को सौरभ ने नई साड़ी पहनी हुई अपनी बेटी वैष्णवी को भी नए कपड़े पहनाकर नहर किनारे ले गया। उस समय निर्माण स्थल पर कोई अन्य व्यक्ति मौजूद नहीं था।

आरोप है कि सौरभ ने बच्ची को नहर की पटरी पर लिटा दिया और उसका गला दबाने की कोशिश की। उसकी चीख-पुकार सुनकर वहां से गुजर रहे राहगीरों ने तत्परता दिखाई। उन्होंने नहर में छलांग लगाई, मौके पर पहुंचकर बच्ची को आरोपी के चंगुल से छुड़ाया और उसे सुरक्षित बाहर निकाला। इस घटना में राहगीरों ने आरोपी सौरभ सैनी को भी जमकर पीटा।

पुलिस ने जब आरोपी सौरभ से पूछताछ की, तो उसने घटना से इनकार किया। उसने कहा कि वह अपनी बेटी को क्यों मारेगा। उसने दावा किया कि यह सब उसके “किन्नर पिता की आत्मा” का असर है। परिवार के सदस्यों ने बताया कि उनके पिता भी महिलाओं के वेश में फूल बेचते थे। पिता की मौत के बाद से सौरभ का व्यवहार अचानक बदल गया। पत्नी के घर छोड़कर चले जाने के बाद वह तंत्र-मंत्र और अंधविश्वास में और डूब गया। परिजनों ने यह भी कहा कि सौरभ की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है और उसे तुरंत चिकित्सकीय मदद की जरूरत है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस मौके पर पहुंची और बच्ची को उसके चाचा राहुल सैनी और चाची लक्ष्मी के सुपुर्द कर दिया। वहीं, पुलिस ने आरोपी सौरभ को हिरासत में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। परिवार का कहना है कि वे जल्द से जल्द सौरभ का मेडिकल परीक्षण कराकर उसका इलाज कराएंगे। बिधनू थाना प्रभारी ने बताया कि मामले की जांच जारी है।

यदि तांत्रिक क्रिया या बलि चढ़ाने के संबंध में कोई ठोस सबूत मिला, तो आरोपी पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाएगा। साथ ही, मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों की मदद से सौरभ का भी मेडिकल परीक्षण कराया जाएगा।

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