धर्म कबूल लो, वरना… इनकार किया तो फंदे से लटका मिला दलित बेटी का शव.

दरभंगा : बिहार के दरभंगा जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने सामाजिक ताने-बाने और पुलिसिया कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कुशेश्वरस्थान थाना क्षेत्र में एक दलित (पासवान) जाति की लड़की की संदेहास्पद मौत ने पूरे इलाके में तनाव पैदा कर दिया है। पिता का आरोप है कि उनकी बेटी पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया जा रहा था और इनकार करने पर उसकी बेरहमी से हत्या कर ‘द केरल स्टोरी’ जैसी साजिश को अंजाम दिया गया।
3 महीने तक हाथ पर हाथ धरे बैठी रही पुलिस, फिर घर में मिली लाश
मामले की शुरुआत 13 जनवरी 2026 को हुई थी, जब सम्राट चौक निवासी मो. साबिर का पुत्र मो. उजाला नाबालिग लड़की को कथित तौर पर बहला-फुसलाकर ले गया था। परिजनों का आरोप है कि उन्होंने तुरंत पुलिस में शिकायत की थी, लेकिन तीन महीने तक बिहार पुलिस न तो लड़की को खोज पाई और न ही आरोपी को गिरफ्तार कर सकी। 13 अप्रैल को अचानक खबर आई कि लड़की का शव उसके प्रेमी के घर में फांसी के फंदे से लटका हुआ मिला है। इस घटना के बाद पुलिस ने आनन-फानन में मुख्य आरोपी मो. उजाला को गिरफ्तार कर लिया है।
पिता का छलका दर्द: “बेटी ने धर्म नहीं बदला, इसलिए मार डाला”
मृतका के पिता ने रुंधे गले से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान से न्याय की गुहार लगाई है। पिता ने बताया, “आरोपी ने मेरी नाबालिग बेटी से जबरन शादी की और उस पर लगातार धर्म बदलने का दबाव बना रहा था। मेरी बेटी ने अपना धर्म छोड़ने से साफ इनकार कर दिया था, जिसके बाद उसकी हत्या कर दी गई और उसे आत्महत्या का रूप देने के लिए फंदे से लटका दिया गया।”
सबूत मिटाने की कोशिश और परिजनों पर चाकू से हमला
मृतका के मौसा ने बताया कि जब वे घटनास्थल पर पहुंचे, तो आरोपी वहां से भागने की फिराक में था। रोकने की कोशिश करने पर आरोपी ने उन पर चाकू से हमला कर दिया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। परिजनों का दावा है कि आरोपी ने हत्या के सबूत मिटाने के लिए उन पर हमला किया और अब भी डराने-धमकाने का सिलसिला जारी है।
“मर्जी मानकर संतोष किया था, पर उन्होंने जान ले ली”
मृतका की चाची ने बताया कि शुरुआत में उन्होंने थाने में शिकायत इसलिए नहीं दी थी कि शायद लड़की अपनी मर्जी से गई है और खुश रहेगी। उन्होंने कहा, “हमने बार-बार उनसे अपनी बेटी लौटाने की गुहार लगाई, लेकिन उन्होंने हमारी एक नहीं सुनी। हमने उसकी खुशी के लिए समझौता कर लिया था, लेकिन हमें क्या पता था कि धर्म न बदलने पर वे उसे मार डालेंगे।”
क्या कहती है पुलिस? पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
बिरौल अनुमंडल के एसडीपीओ प्रभाकर तिवारी ने बताया कि पुलिस मामले के सभी पहलुओं की बारीकी से जांच कर रही है। उन्होंने कहा, “एक महिला का शव बरामद हुआ है, जिसकी उम्र और पहचान का सत्यापन किया जा रहा है। फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि यह हत्या है या आत्महत्या। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असल वजह साफ हो पाएगी और सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
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