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भारत में बांग्लादेश की तरह Gen-Z की फौज तैयार कर सत्ता पलटने की साजिश थी, 28 पन्नों की डायरी ने खोला राज

  • पुलिस को मिली डायरी में युवाओं को ब्रेनवॉश कर नेटवर्क बनाने के संकेत, कई पढ़े-लिखे लोगों के नाम सामने आए

उत्तर प्रदेश के नोएडा में पुलिस ने एक कथित बड़ी साजिश का खुलासा किया है, जिसमें युवाओं को जोड़कर स्लीपर सेल तैयार करने की बात सामने आई है। पुलिस के मुताबिक यह नेटवर्क देश विरोधी गतिविधियों के लिए युवाओं, खासकर Gen-Z पीढ़ी को टारगेट कर रहा था।

जांच के दौरान गिरफ्तार आरोपियों के पास से एक 28 पन्नों की डायरी बरामद हुई है, जिसे आरोपी हिमांशु की बताया जा रहा है। इसी डायरी में कई नाम और गतिविधियों के संकेत मिले हैं, जिनके आधार पर जांच एजेंसियां आगे की कार्रवाई कर रही हैं।

Gen-Z को जोड़ने की साजिश का दावा

डायरी के आधार पर पुलिस का कहना है कि एक संगठित नेटवर्क युवाओं को दो हिस्सों में बांटकर काम कर रहा था—एक टीम नए युवाओं की पहचान कर रही थी और दूसरी टीम उन्हें संगठन से जोड़ने का काम कर रही थी।

सूत्रों के अनुसार, इन युवाओं को सोशल मीडिया और कैंपस गतिविधियों के जरिए प्रभावित करने और विचारधारा बदलने की कोशिश की जा रही थी।

जांच में यह भी दावा किया गया है कि इस पूरी योजना में विदेशों में हुए आंदोलनों की तरह संरचना तैयार करने की कोशिश की जा रही थी। हालांकि, अधिकारियों ने साफ किया है कि अभी जांच शुरुआती चरण में है और किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।

नोएडा पुलिस और अन्य जांच एजेंसियां डायरी में मिले नामों और डिजिटल सबूतों के आधार पर आगे की जांच कर रही हैं। पुलिस का कहना है कि जिन लोगों के नाम सामने आए हैं, उनकी भूमिका की जांच की जा रही है।

लक्ष्मी सिंह ने बताया कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और हर पहलू को खंगाला जा रहा है, जिसमें संगठित अपराध और नेटवर्किंग एंगल भी शामिल है।

जांच के दौरान सामने आया है कि इस मामले में शामिल कई लोग अलग-अलग शैक्षणिक और पेशेवर पृष्ठभूमि से हैं। कुछ लोग सोशल वर्क, इंजीनियरिंग, कला और पत्रकारिता से जुड़े बताए जा रहे हैं।

पुलिस का कहना है कि इन सभी की भूमिका और आपसी संबंधों की विस्तृत जांच की जा रही है।

फिलहाल पूरे नेटवर्क, डायरी में दर्ज नामों और उनके संभावित संपर्कों की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही और भी खुलासे सामने आ सकते हैं, लेकिन अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना सही नहीं होगा।

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