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काला सागर में बड़ा हमला, ‘शैडो फ्लीट’ के दो टैंकरों को बनाया निशाना; 300 से अधिक ड्रोन दागे जाने का दावा.

 

कीव/मॉस्को: रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध में एक बार फिर बड़ा तनाव देखने को मिला है। यूक्रेन ने दावा किया है कि उसने रूस के रणनीतिक काला सागर बंदरगाह नोवोरोस्सियस्क के पास रूस के ‘शैडो फ्लीट’ के दो तेल टैंकरों पर हमला किया है। यह हमला समुद्री और ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाने की यूक्रेन की बढ़ती रणनीति का हिस्सा बताया जा रहा है।

यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब दोनों देशों के बीच संघर्ष और तेज होता जा रहा है और सीजफायर की संभावनाएं लगातार कमजोर दिख रही हैं।

‘शैडो फ्लीट’ के टैंकरों पर हमला
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने टेलीग्राम पर दावा किया कि यूक्रेनी सेना ने रूस के अवैध तेल परिवहन नेटवर्क यानी ‘शैडो फ्लीट’ के दो टैंकरों को निशाना बनाया है।

हमला नोवोरोस्सियस्क बंदरगाह के प्रवेश द्वार के पास पानी में किया गया, जो रूस का एक प्रमुख तेल निर्यात केंद्र माना जाता है।

जेलेंस्की ने कहा कि ये जहाज रूस के तेल परिवहन में सक्रिय रूप से उपयोग किए जा रहे थे और अब इन्हें गंभीर नुकसान पहुंचाया गया है।

300 से अधिक ड्रोन हमलों का दावा

दूसरी ओर, रूस के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया है कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने रातभर में करीब 334 यूक्रेनी ड्रोन को मार गिराया। इनमें मॉस्को के आसपास के इलाके और सेंट पीटर्सबर्ग के पास का लेनिनग्राद क्षेत्र भी शामिल है।

रूसी अधिकारियों के अनुसार, इन हमलों में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।

ऊर्जा ठिकानों पर लगातार हमले

हाल के महीनों में यूक्रेन ने रूस के तेल रिफाइनरियों और ऊर्जा ढांचे को लगातार निशाना बनाया है। काला सागर के किनारे स्थित तुआपसे शहर की रिफाइनरी पर भी कई बार ड्रोन हमले हुए हैं, जिससे आग और भारी नुकसान की घटनाएं सामने आई हैं।

इसके अलावा, रूस के दूरस्थ क्षेत्रों में भी यूक्रेनी ड्रोन हमलों की खबरें लगातार सामने आ रही हैं।

रूस की प्रतिक्रिया और तनाव में बढ़ोतरी

रूस ने इन हमलों को गंभीर चुनौती बताया है और अपने ड्रोन हमलों को भी तेज कर दिया है। हालात ऐसे हैं कि दोनों देशों के बीच संघर्ष अब और अधिक ड्रोन और लंबी दूरी के हमलों पर केंद्रित होता जा रहा है।

सीजफायर की उम्मीदें कमजोर

लगातार बढ़ते हमलों और जवाबी कार्रवाइयों के बीच अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सीजफायर की उम्मीदें कमजोर पड़ती दिख रही हैं। दोनों पक्ष एक-दूसरे पर दबाव बनाने के लिए हमलों की रणनीति को और तेज करते जा रहे हैं।

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