अलमारी हटते ही फटी रह गईं आंखें! मेरठ में BCA छात्र ने घर के भीतर बना डाला पाताल लोक , चल रही थी मौत की फैक्ट्री.

मेरठ : उत्तर प्रदेश के मेरठ में अपराधियों के हौसले और उनकी चालाकी देखकर खाकी भी हैरान है। मेरठ पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जिसने घर की साधारण सी दिखने वाली अलमारी के पीछे मौत का ‘पाताल लोक’ बसा रखा था। इंचौली थाना क्षेत्र के खरदौनी गांव में जब पुलिस ने छापेमारी की, तो नजारा फिल्म ‘मिर्जापुर’ जैसा था। अलमारी के नीचे बने एक गुप्त रास्ते से होते हुए पुलिस जब तहखाने में पहुंची, तो वहां बड़े पैमाने पर अवैध असलहा बनाने की फैक्ट्री संचालित हो रही थी।
BCA छात्र बना ‘स्मार्ट’ तस्कर, वॉट्सऐप पर लगती थी हथियारों की बोली
इस पूरे गोरखधंधे में सबसे चौंकाने वाला नाम उमंग ठाकुर का है। 19 वर्षीय उमंग शहर के एक प्रतिष्ठित कॉलेज से बीसीए (BCA) की पढ़ाई कर रहा है। पुलिस के मुताबिक, यह छात्र अपनी तकनीकी समझ का इस्तेमाल हथियारों की तस्करी के लिए कर रहा था। यह गैंग वॉट्सऐप के जरिए ‘ऑन डिमांड’ तमंचों की बुकिंग करता था और कोडवर्ड्स में बात करके सप्लाई दी जाती थी। एक तरफ उमंग की किताबों में कोडिंग थी, तो दूसरी तरफ वह अवैध हथियारों की डिलीवरी सेट कर रहा था।
25 साल पुराना ‘खिलाड़ी’ है मास्टरमाइंड इमरान
पुलिस की गिरफ्त में आया मुख्य आरोपी इमरान कोई नौसिखिया नहीं, बल्कि इस काले धंधे का पुराना खिलाड़ी है। एसएसपी ने बताया कि इमरान को साल 2000 में भी शस्त्र फैक्ट्री चलाने के आरोप में जेल भेजा गया था। जेल से छूटने के बाद उसने लंबे समय तक खुद को शांत रखा और फिर से अपना नेटवर्क तैयार किया। उसने घर के भीतर ही ऐसा सुरक्षित बेसमेंट तैयार कराया, जिसकी भनक पड़ोसियों तक को नहीं लगी।
काम का बंटवारा: कोई बनाता था तो कोई पहुंचाता था ठिकाने
इस गिरोह में हर सदस्य का किरदार बखूबी तय था:
- इमरान: मास्टरमाइंड और तमंचा बनाने का मुख्य कारीगर।
- कुलदीप (दौराला): मुख्य सप्लायर, जिसका काम बड़े ग्राहकों को ढूंढना था।
- नरेंद्र: बिचौलिए की भूमिका, जो पैसे के लेन-देन और लॉजिस्टिक्स संभालता था।
- उमंग (BCA छात्र): डिलीवरी बॉय और डिजिटल मार्केटिंग हैंडलर।
छापेमारी में मिला जखीरा: ड्रिल मशीन से लेकर खराद तक बरामद
एसपी देहात अभिजीत कुमार ने प्रेस वार्ता में बताया कि तहखाने से भारी मात्रा में अर्धनिर्मित और तैयार असलहे बरामद हुए हैं। पुलिस ने मौके से:
- 5 तैयार तमंचे और भारी मात्रा में कारतूस।
- 45 नाल, 36 स्प्रिंग और 115 स्प्रिंग केस।
- वेल्डिंग मशीन, दो प्रकार की खराद मशीनें और 41 ड्रिल बिट।
- ग्राइंडर, आरी, रेती और भारी मात्रा में कच्चा माल जब्त किया है।
मेरठ में ‘तहखाना ट्रेंड’: पहले पलंग, अब अलमारी
मेरठ पुलिस के लिए यह सिरदर्द बनता जा रहा है कि अपराधी अब जंगलों के बजाय घरों के भीतर तहखाने बनाकर फैक्ट्री चला रहे हैं। महज 15 दिन पहले भी मेरठ में एक बेड (पलंग) के नीचे छिपी फैक्ट्री मिली थी। फिलहाल पुलिस इन चारों आरोपियों को जेल भेजकर यह पता लगाने में जुटी है कि इन्होंने अब तक कहां-कहां और किन गैंगस्टरों को हथियार सप्लाई किए हैं।
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