Recent Posts

Breaking News

कुंवारों को फंसाने वाली ‘इंस्टा क्वीन’ की ID में भरे पड़े अश्लील वीडियो, हरियाणा में हनीट्रैप गैंग का भंडाफोड़; कई गिरफ्तार

फतेहाबाद, हरियाणा। हरियाणा के फतेहाबाद जिले में हरियाणा में हनीट्रैप गैंग का खुलासा हुआ है. यह गैंग कुंवारे युवकों को फंसाकर ठगी करता था। पुलिस ने इस संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में ‘इंस्टा क्वीन’ के नाम से सोशल मीडिया पर सक्रिय रितु समेत कई लोगों की गिरफ्तारी हुई है, जबकि कुछ पुलिसकर्मियों की भूमिका भी संदिग्ध बताई जा रही है।

हरियाणा में हनीट्रैप गैंग का खुलासा

जानकारी के अनुसार, आरोपी रितु सोशल मीडिया पर बेहद सक्रिय थी और इंस्टाग्राम पर उसके करीब 31,900 फॉलोअर्स थे। वह तीन अलग-अलग आईडी का इस्तेमाल कर युवकों को अपने जाल में फंसाती थी। इन अकाउंट्स पर वह लगातार आपत्तिजनक और आकर्षक वीडियो व रील्स पोस्ट करती थी।

शादी का झांसा देकर जाल में फंसाती थी युवकों को

पुलिस जांच में सामने आया है कि रितु पहले सोशल मीडिया पर संपर्क बनाती थी और फिर बातचीत के दौरान युवकों को प्रेमजाल में फंसाकर शादी का झांसा देती थी। इसके बाद पीड़ित को मिलने के लिए बुलाया जाता था और धीरे-धीरे उसे आर्थिक और मानसिक रूप से फंसाया जाता था।

अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेलिंग

मामले में सबसे गंभीर खुलासा यह हुआ है कि पीड़ित युवक को कमरे में बुलाकर उसके आपत्तिजनक वीडियो बनाए जाते थे। बाद में इन्हीं वीडियो के आधार पर झूठे रेप केस में फंसाने की धमकी देकर उससे लाखों रुपये वसूले जाते थे।

एक पीड़ित के अनुसार, उससे करीब साढ़े तीन लाख रुपये ठगे गए, जबकि बाद में ढाई लाख रुपये और वसूलने का प्रयास किया गया।

पुलिसकर्मियों की भूमिका पर भी सवाल

जांच में यह भी सामने आया है कि इस गिरोह में एक हेड कांस्टेबल और HKRN के तहत कार्यरत एक ड्राइवर की भूमिका भी संदिग्ध है। इन सभी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में हिसार जेल भेज दिया गया है।

सूत्रों के मुताबिक, मामले में एक अन्य पुलिसकर्मी की भूमिका की भी जांच की जा रही है, हालांकि पुलिस अधिकारी फिलहाल इस पर खुलकर कुछ भी कहने से बच रहे हैं।

पीड़ित को शादी का झांसा देकर फंसाया गया

पीड़ित सतपाल निवासी ढाणी ठोबा को पहले भरोसे में लेकर बताया गया कि रितु का पति बीमार है और उसकी मृत्यु के बाद उसकी शादी उससे कर दी जाएगी। इसी भरोसे में पीड़ित ने कुछ ही समय में लगभग साढ़े तीन लाख रुपये खर्च कर दिए।

शिकायत के बाद खुला मामला

पीड़ित ने अपने परिवार में मामले की जानकारी दी, जिसके बाद मामला पुलिस के उच्चाधिकारियों तक पहुंचा। इसके बाद पीड़ित को थाने बुलाकर बयान दर्ज किए गए और जांच शुरू की गई।

SIT का गठन

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने DSP संजय बिश्नोई के नेतृत्व में विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया है। टीम में सिटी थाना प्रभारी और बस स्टैंड चौकी प्रभारी को भी शामिल किया गया है। SIT को पूरे नेटवर्क की जांच कर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।

आगे की जांच जारी

पुलिस का कहना है कि इस मामले में शामिल सभी आरोपियों और उनके नेटवर्क की गहराई से जांच की जा रही है। अधिकारियों ने साफ किया है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

No comments