जबलपुर में रोंगटे खड़े कर देने वाला सुसाइड मिस्ट्री : मां के बाद अब पिता ने भी दी जान, 8 साल के मासूम ने बयां की उस खौफनाक रात की दास्तान

जबलपुर : मध्य प्रदेश के जबलपुर से एक ऐसी सनसनीखेज और कलेजा कंपा देने वाली वारदात सामने आई है, जिसने पूरे पुलिस महकमे और इलाके को हिलाकर रख दिया है। यहां आधारताल थाना क्षेत्र के न्यू कंचनपुर में रहने वाली नेहा सिंह की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के महज 24 घंटे के भीतर उसके पति मयंक सिंह चौहान का शव भी फंदे पर लटका मिला। इस दोहरी मौत के मामले में अब सबसे बड़ी और चौंकाने वाली कड़ी मृतक दंपति का 8 वर्षीय मासूम बेटा बन गया है, जिसने अपनी आंखों के सामने हुए उस खौफनाक मंजर का पूरा राज खोल दिया है। इसके साथ ही पुलिस को मृतक पति के पास से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसने पूरी कहानी को एक नया और बेहद पेचीदा मोड़ दे दिया है।
बंद कमरे से आ रही थी बदबू, जब दरवाजा टूटा तो उड़ गए होश
इस रोंगटे खड़े कर देने वाले घटनाक्रम की शुरुआत तब हुई जब न्यू कंचनपुर स्थित एक किराए के मकान से लगातार तेज दुर्गंध आने पर मकान मालिक ने अनहोनी की आशंका जताते हुए पुलिस को सूचना दी। आधारताल थाना पुलिस जब मौके पर पहुंची और दरवाजा तोड़ा, तो अंदर का नजारा देख सबके होश उड़ गए। कमरे के भीतर फर्श पर नेहा सिंह का शव सड़ती हुई हालत में पड़ा मिला।
शुरुआती तौर पर मामला हत्या का संदिग्ध लग रहा था, इसलिए पुलिस ने तुरंत शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए रवाना कर दिया और जांच शुरू की। चौंकाने वाली बात यह थी कि नेहा का पति मयंक सिंह चौहान अपनी मोपेड छोड़कर मौके से पूरी तरह गायब था। पुलिस उसकी तलाश में जुटी ही थी कि रांझी थाना क्षेत्र के शोभापुर स्थित पुराने खंडहरनुमा वीएफजे (VFJ) क्वार्टर में मयंक का शव भी फांसी के फंदे पर झूलता हुआ बरामद हुआ।
‘पापा ने पैर से टेबल को धक्का दिया…8 साल के चश्मदीद बेटे का खलासा
इस पूरे मामले की सबसे संवेदनशील और अहम कड़ी इस दंपति का 8 साल का मासूम बेटा है। उसने पुलिस के सामने चश्मदीद गवाह के रूप में जो दास्तान बयां की, उसे सुनकर सख्त से सख्त पुलिसकर्मियों का भी दिल दहल गया। बच्चे ने बताया कि 3 जून की रात उसके मम्मी और पापा के बीच किसी बात को लेकर बहुत भयंकर झगड़ा हुआ था। विवाद इतना बढ़ गया कि गुस्से में आकर पापा ने हाथ में चाकू उठा लिया था।
बच्चे के मुताबिक, चाकू देखकर मम्मी ने रोते हुए कहा कि ‘तुम क्या मारोगे, मैं खुद ही अपनी जान दे दूंगी’। इसके बाद मयंक ने कमरे में ही फांसी का फंदा तैयार किया। जब नेहा फंदे को गले में डालकर टेबल पर खड़ी हो गई, तभी तैश में आए मयंक ने पैर से मारकर टेबल को नीचे गिरा दिया (धक्का दे दिया)। कुछ देर बाद मयंक ने खुद ही रस्सी काटकर नेहा को नीचे उतारा, लेकिन तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं और उसकी मौत हो गई थी।
सुसाइड नोट में कत्ल का गुनाह कुबूल, साली और मौसी सास पर प्रताड़ना का आरोप
अपनी जान देने से पहले पति मयंक सिंह ने एक विस्तृत सुसाइड नोट और पुलिस के नाम एक आवेदन छोड़ा था, जो पुलिस ने उसकी मोपेड से बरामद किया है। सुसाइड नोट में मयंक ने हैरान करने वाला खुलासा करते हुए साफ लिखा है कि उसने ही अपनी पत्नी नेहा की हत्या की है और इस खौफनाक कदम के लिए किसी अन्य बाहरी व्यक्ति को जिम्मेदार न ठहराया जाए।
मयंक ने नोट में लिखा कि वह लंबे समय से गंभीर मानसिक तनाव और प्रताड़ना से गुजर रहा था। उसने अपनी साली और मौसी सास पर उसे मानसिक रूप से खोखला करने और प्रताड़ित करने के बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। इसके साथ ही मयंक ने अपनी आखिरी इच्छा जताते हुए लिखा कि उसकी मौत के बाद उसकी बीमा (Insurance) राशि उसके मासूम बेटे को दी जाए और बच्चे की पूरी देखभाल उसके बूढ़े दादाजी (मयंक के पिता) करें।
स्पा सेंटर में काम और दूसरी शादी: तनाव की असली वजह आई सामने
पुलिस तफ्तीश में यह बात भी साफ हुई है कि नेहा और मयंक दोनों की ही यह दूसरी शादी थी। नेहा के पहले पति का देहांत हो चुका था और पहले विवाह से उसका यह 8 साल का बेटा था। करीब दो साल पहले एक शादी समारोह के दौरान नेहा और मयंक की मुलाकात हुई थी, जिसके बाद दोनों ने कोर्ट मैरिज कर ली थी।
शुरुआती दिनों में सब ठीक था, लेकिन जनवरी 2025 में जबलपुर के विजय नगर स्थित एक स्पा सेंटर पर पुलिस ने छापेमारी की थी, जहां नेहा मौजूद पाई गई थी। इस घटना के बाद से ही मयंक और नेहा के बीच रोज-रोज की कलह शुरू हो गई। मयंक नहीं चाहता था कि उसकी पत्नी स्पा सेंटर में नौकरी करे, जबकि नेहा घर के आर्थिक हालातों का हवाला देकर काम छोड़ने को तैयार नहीं थी। बाद में वह काम के सिलसिले में इंदौर भी रहने लगी थी, जिससे दोनों के बीच का यह तनाव चरम पर पहुंच गया था।
पुलिस और एफएसएल की टीमें जांच में जुटीं, सच आएगा सामने
रांझी थाना प्रभारी उमेश गोलहानी ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि मयंक का शव फंदे पर लटका मिला है और उसके पास से सुसाइड नोट तथा प्रताड़ना का आवेदन बरामद हुआ है। चूंकि मामला दो थानों से जुड़ा है, इसलिए आधारताल और रांझी पुलिस की संयुक्त टीमें इस हाईप्रोफाइल और संवेदनशील मामले की हर एंगल से बारीक जांच कर रही हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मासूम बच्चे का बयान बेहद महत्वपूर्ण है, लेकिन अंतिम निष्कर्ष पोस्टमार्टम रिपोर्ट, एफएसएल (FSL) की वैज्ञानिक जांच और सुसाइड नोट की हैंडराइटिंग एक्सपर्ट से पुष्टि होने के बाद ही निकाला जाएगा। बहरहाल, इस दोहरी मौत और हंसते-खेलते परिवार के इस तरह तबाह होने से दोनों पक्षों के रिश्तेदार और परिजन गहरे सदमे में हैं।
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