मिशन 2027 : उप्र के दो मुस्लिम चेहरों को बड़ी जिम्मेदारी देकर भाजपा ने 2027 के चुनाव का फूंका बिगुल

- पूर्व वीसी प्रो. तारिक मंसूर को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, कुंवर बासित अली को अल्पसंख्यक मोर्चा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाकर खेला बड़ा दांव
Lucknow : भारतीय जनता पार्टी ने अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के नेतृत्व में राष्ट्रीय कार्यकारिणी की नई टीम का आधिकारिक ऐलान कर दिया है। आगामी वर्ष 2027 में होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए बीजेपी ने अपनी इस नई सूची में बड़े और रणनीतिक बदलाव किए हैं।
पार्टी का मुख्य उद्देश्य सूबे के सभी समुदायों के वोटर्स को साधना और खासकर मुस्लिम मतदाताओं के बीच अपनी पकड़ को और अधिक मजबूत करना है। इस नई टीम में उत्तर प्रदेश के दो प्रमुख मुस्लिम चेहरों-प्रोफेसर तारिक मंसूर और कुंवर बासित अली-को राष्ट्रीय स्तर पर अहम जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) के पूर्व वाइस चांसलर और वर्तमान में उत्तर प्रदेश विधान परिषद (एमएलसी) के सदस्य प्रोफेसर तारिक मंसूर को पार्टी ने राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के पद पर बरकरार रखते हुए बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है।
तारिक मंसूर एकेडमिक जगत के एक जाने-माने और सम्मानित चेहरे रहे हैं। उन्होंने अलीगढ़ के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के डिपार्टमेंट ऑफ सर्जरी में प्रोफेसर के तौर पर लंबी सेवाएं दी हैं और वह पद्म पुरस्कार समिति 2023 के सदस्य भी रह चुके हैं। राजनीतिक गलियारों में उन्हें पार्टी का एक बड़ा ‘इंटेलेक्चुअल फेस’ माना जाता है। जानकारों का मानना है कि उनके जरिए बीजेपी की कोशिश खासकर ‘पसमांदा मुसलमानों’ के बीच अपनी स्वीकार्यता और लोकप्रियता को और अधिक बढ़ाने की है।
कुंवर बासित अली को अल्पसंख्यक मोर्चे की कमान दी गई है। संगठन में जमीनी स्तर पर सक्रिय रहने वाले कुंवर बासित अली को भारतीय जनता पार्टी ने बड़ी पदोन्नति देते हुए अल्पसंख्यक मोर्चा का राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया है। इससे पहले वह उत्तर प्रदेश बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में अपनी जिम्मेदारियों को सफलतापूर्व निभा चुके हैं।
बासित अली पार्टी के लिए कई महत्वपूर्ण अभियानों जैसे- ‘कौमी चौपाल’, ‘मोदी मित्र’ और ‘मदरसों व दरगाहों में योग सत्र’ का नेतृत्व कर चुके हैं। हाल ही में जब राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन उत्तर प्रदेश के दौरे पर आए थे, तब मुस्लिम समुदाय के साथ समन्वय स्थापित करने और उनकी मुलाकात कराने की अहम जिम्मेदारी बासित अली ने ही बखूबी संभाली थी। पार्टी ने एक बार फिर उनके संगठनात्मक कौशल पर भरोसा जताया है।
देश के सबसे बड़े सूबे उत्तर प्रदेश में साल 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं, जहां सत्तारूढ़ दल हर हाल में जीत की हैट्रिक लगाने के लिए पुरजोर कोशिश कर रहा है। प्रोफेसर तारिक मंसूर और कुंवर बासित अली दोनों ही उत्तर प्रदेश के राजनीतिक परिदृश्य और मुस्लिम समुदाय के बीच खासे लोकप्रिय और प्रभावी चेहरे हैं।
इन दोनों नेताओं को राष्ट्रीय टीम में शामिल करके बीजेपी ने यह साफ संदेश दे दिया है कि आगामी चुनाव में वह विपक्षी दलों, खासकर समाजवादी पार्टी के पारंपरिक वोट बैंक में सेंध लगाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ने वाली है।
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