‘डिंपल यादव पूरे देश की मां’: सपा विधायक मोहम्मद फहीम का बड़ा बयान, बोले- 2027 में अखिलेश यादव बनेंगे यूपी के मुख्यमंत्री

Lucknow : उत्तर प्रदेश की राजनीति में बयानों का दौर लगातार जारी है। इसी बीच मुरादाबाद की बिलारी विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी (सपा) के विधायक मोहम्मद फहीम का एक बयान सोशल मीडिया पर तेजी से सुर्खियों में छा गया है। कांवड़ियों के स्वागत के दौरान दिए गए इस बयान में सपा विधायक ने सांसद डिंपल यादव को ‘पूरे देश की मां’ और ममता का प्रतीक बताया है। इसके साथ ही उन्होंने आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर भी बड़ा दावा किया है।
कांवड़ियों के स्वागत के दौरान दिया बयान
यह पूरा घटनाक्रम तब सामने आया जब सपा विधायक मोहम्मद फहीम हरिद्वार से बरेली की तरफ कांवड़ लेकर जा रहे शिवभक्त कांवड़ियों का स्वागत कर रहे थे। इस दौरान एक अनोखी कांवड़ चर्चा का केंद्र बनी हुई थी, जिसके एक तरफ समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और दूसरी तरफ उनकी पत्नी व सांसद डिंपल यादव की तस्वीरें सजी हुई थीं। इसके अलावा कांवड़ पर पार्टी संस्थापक स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव की तस्वीर भी मौजूद थी।
डिंपल यादव को बताया ‘ममता का प्रतीक’
मीडिया और कैमरे के सामने बातचीत करते हुए सपा विधायक मोहम्मद फहीम ने शिवभक्तों की आस्था की सराहना की। इसी दौरान उन्होंने सपा सांसद डिंपल यादव का जिक्र करते हुए कहा कि वह इस वक्त ‘पूरे देश की मां’ और ममता का एक अनूठा प्रतीक हैं। विधायक ने कहा कि इन शिवभक्तों और पार्टी कार्यकर्ताओं के मन में समाजवादी पार्टी के नेतृत्व के प्रति अगाध प्रेम और सम्मान है, जो उनकी कांवड़ यात्रा पर साफ तौर पर दिखाई दे रहा है।
2027 में अखिलेश यादव के सीएम बनने का दावा
सपा विधायक ने कांवड़ियों की इस निष्ठा का जिक्र करते हुए पूरी उम्मीद जताई कि इन शिवभक्तों की दुआओं और जनता के समर्थन से साल 2027 में समाजवादी पार्टी की पूर्ण बहुमत की सरकार बनेगी। उन्होंने दावा किया कि अगला चुनाव जीतकर अखिलेश यादव एक बार फिर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की कमान संभालेंगे।
बीजेपी के वोटबैंक पर सपा की पैनी नजर
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी लगातार अपनी पहुंच और जनाधार को बढ़ाने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। एक तरफ जहां पार्टी धार्मिक और सामाजिक आयोजनों के जरिए जनता के बीच अपनी पैठ मजबूत कर रही है, वहीं दूसरी तरफ बीजेपी के परंपरागत वोटबैंक में सेंध लगाने के लिए भी नए समीकरण साधे जा रहे हैं। हाल ही में ओबीसी वर्ग के लोधी समाज को साधने के लिए पार्टी द्वारा उठाए गए कदमों के बीच इस तरह के राजनीतिक बयान और गतिविधियां सूबे की सियासत को और ज्यादा गरमा रही हैं।
No comments