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नाग पंचमी पर पोखरे में नहाने गए तीन बच्चों की डूबने से मौत, गांव में पसरा मातम

Gorakhpur : नाग पंचमी के पर्व पर रविवार को बदौली बाबू गांव में उस समय मातम पसर गया, जब पुतली पीटने की रस्म के बाद पोखरे में नहाने गए तीन बच्चे गहरे पानी में डूब गए. हादसे में हरीश (11), सचिन (14) और अनुज (9) की मौत हो गई. ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद तीनों बच्चों को पोखरे से बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. घटना के बाद से पूरे गांव में शोक का माहौल है.

बताया गया कि नाग पंचमी के अवसर पर गांव के बच्चे पोखरे के पास पुतली पीटने की रस्म में शामिल हुए थे. रस्म के बाद कुछ बच्चे पोखरे में नहाने लगे. इसी दौरान हरीश, सचिन और अनुज अचानक गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे. बच्चों को डूबता देखकर मौके पर चीख-पुकार मच गई.

बच्चों को डूबता देख ग्राम प्रधान प्रतिनिधि विकास सिंह उन्हें बचाने के लिए पोखरे में उतर गए. उन्होंने ग्रामीणों के साथ मिलकर काफी देर तक पानी में बच्चों की तलाश की. काफी प्रयास के बाद तीनों बच्चों को बाहर निकाला गया और तत्काल अस्पताल ले जाया गया. वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद तीनों को मृत घोषित कर दिया.

पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे

हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों में भी हड़कंप मच गया. तहसीलदार सुशील कुमार भारतीय, नायब तहसीलदार राकेश शुक्ला, सीईओ अनुज कुमार सिंह और कस्बा चौकी प्रभारी विकास सिंह भदौरिया समेत कई अधिकारी मौके पर पहुंचे.

अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और मृत बच्चों के परिजनों से घटना की जानकारी ली. वहीं, बांसगांव विधायक डॉ. विमलेश पासवान भी गांव पहुंचे और पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया.

हरीश परिवार का इकलौता बेटा था

हादसे में जान गंवाने वाला 11 वर्षीय हरीश अपने परिवार का इकलौता बेटा था. उसके पिता राधेश्याम यादव दुबई में नौकरी करते हैं. परिजनों के मुताबिक, काफी मन्नतों के बाद हरीश का जन्म हुआ था. परिवार में उसकी एक बहन है. इकलौते बेटे की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है.

सचिन और अनुज भी थे छात्र

14 वर्षीय सचिन कक्षा छह में पढ़ता था, जबकि नौ वर्षीय अनुज कक्षा तीन का छात्र था. सचिन के पिता सूरत में मजदूरी करते हैं. वहीं अनुज के पिता गुजरात में पेंट-पॉलिश का काम करते हैं. दोनों बच्चों की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया.

नाग पंचमी के दिन हुए इस दर्दनाक हादसे ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है. तीन बच्चों की एक साथ मौत से गांव में शोक की लहर है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.

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