Recent Posts

Breaking News

LPG Cylinder Booking : बिना आधार के नहीं बुक होगा एलपीजी सिलेंडर, इस सिस्टम से राहत दे सकता है दिल्ली हाईकोर्ट

LPG Booking : बिना आधार के नहीं बुक होगा एलपीजी सिलेंडर, इस सिस्टम से राहत दे सकता है दिल्ली हाईकोर्ट


नई दिल्ली. रसोई गैस सिलेंडर के नियमों में पिछले कुछ महीनों में काफी बदलाव हुए हैं. इससे पारदर्शिता तो बढ़ी है लेकिन उपभोक्ताओं को कई तरह की मुश्किलों का भी सामना करना पड़ा है. ऐसा ही एक नियम लागू हुआ है बुकिंग को लेकर, जहां सिलेंडर बुक करते समय उपभोक्ता को अपने आधार से बायोमीट्रिक सत्यापन करना जरूरी है.


इस सिस्टम से कई ग्राहकों को दिक्कत हुई और उन्होंने दिल्ली हाईकोर्ट में इसे चुनौती भी दे डाली. हाईकोर्ट ने भी इस याचिका को स्वीकार करते हुए केंद्र सरकार और तेल कंपनियों से जवाब मांगा है.

दिल्ली हाईकोर्ट में 1 अक्टूबर से गैस रिफिल बुकिंग के लिए बायोमीट्रिक आधार प्रमाणीकरण अनिवार्य करने की व्यवस्था को चुनौती दी गई है. इस पर दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार और तेल-गैस कंपनियों से जवाब मांगा है. चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की पीठ इस मामले पर 5 अक्टूबर को सुनवाई करेगी. कोर्ट का मानना है कि इस व्यवस्था से कुछ लोगों को दिक्कत हो सकती है. हालांकि, अभी सरकार और कंपनियों का पक्ष सुना जाना बाकी है.

क्या है हाईकोर्ट का नजिरया
हाईकोर्ट ने कहा कि इस देश में हर किसी के पास आधार नहीं है, लेकिन वे भी एलपीजी का इस्तेमाल करते हैं. याचिकाकर्ता पुलकित लूथरा फिलहाल 75% दृष्टिबाधित हैं. उन्होंने कहा कि बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण खासकर आंखों की पुतली से पहचान की प्रक्रिया, दिव्यांगों के लिए मुश्किल पैदा कर सकती है. याचिका में कहा गया है कि प्रमाणीकरण नहीं करा पाने वाले उपभोक्ताओं को बाजार दर पर 5 या 10 किलो के सिलेंडर लेने का विकल्प देना पर्याप्त नहीं है, क्योंकि इससे उन्हें नियमित 14.2 किलो के घरेलू सिलेंडर और नियंत्रित कीमत का लाभ नहीं मिल सकेगा.

क्या है आधार की नई व्यवस्था
तेल कंपनियों ने व्यवस्था कर दी है कि अब एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग के समय आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर ओटीपी आएगा और उसे दर्ज करने के बाद ही सिलेंडर की बुकिंग होगी. इससे उन ग्राहकों को दिक्कत आ सकती है, जिनके पास अभी आधार की सुविधा नहीं है. इसी बात को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है. कोर्ट ने भी सरकार और कंपनियों से जवाब मांगा है कि ऐसे ग्राहकों के लिए क्या व्यवस्था की जा सकती है.

No comments