सिलेंडर की बुकिंग और डिलीवरी का झंझट खत्म! 50 लाख परिवारों के लिए सरकार का आ गया नया प्लान

रसोई में गैस खत्म होने की टेंशन होगी दूर
रसोई में जब अचानक गैस खत्म होने वाली होती है, तो सबसे पहली टेंशन सिलेंडर की बुकिंग की होती है। इसके बाद डिलीवरी कब आएगी और तब तक पुराना सिलेंडर टिकेगा या नहीं, यह चिंता अलग से सताने लगती है।
देश के करोड़ों परिवार लंबे समय से खाना पकाने के लिए एलपीजी सिलेंडर पर निर्भर हैं। लेकिन आने वाले दिनों में देश के कई घरों की रसोई का पूरा नजारा बदलने वाला है। सरकार एक ऐसी व्यवस्था का दायरा तेजी से बढ़ाने में जुटी है, जिससे लोगों को बार-बार सिलेंडर बुक करने के झंझट से हमेशा के लिए मुक्ति मिल सके। इसके लिए 1 अक्टूबर से एक बड़ा अभियान भी शुरू कर दिया गया है, जिसके जरिए लाखों नए परिवारों को सीधे पाइप से मिलने वाली गैस से जोड़ा जाएगा। खास बात यह है कि सरकार का पूरा फोकस सिर्फ महानगरों या बड़े शहरों पर ही नहीं, बल्कि छोटे शहरों और गांवों पर भी है।
शुरू हुआ ‘नेशनल पीएनजी ड्राइव 3.0’
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड यानी पीएनजीआरबी (PNGRB) ने मिलकर ‘National PNG Drive 3.0’ की शुरुआत की है। यह खास अभियान 1 अक्टूबर 2026 से लेकर 31 मार्च 2027 तक चलाया जाएगा। इस तय समय के दौरान देश भर में 50 लाख नए घरेलू पीएनजी (PNG) कनेक्शन जोड़ने और इतने ही नए रजिस्ट्रेशन हासिल करने का बड़ा लक्ष्य रखा गया है।
सिलेंडर बुक करने के झंझट से मिलेगी राहत
पीएनजी यानी पाइप नेचुरल गैस (Piped Natural Gas) एक ऐसी सुविधा है जिसमें गैस पाइपलाइन के जरिए सीधे आपके घर की रसोई तक पहुंचती है। इसमें घर के अंदर भारी-भरकम गैस सिलेंडर स्टोर करके रखने की कोई जरूरत नहीं पड़ती है। इससे सिलेंडर खत्म होने पर उसकी बुकिंग कराने और घंटों डिलीवरी का इंतजार करने जैसी परेशानियां खत्म हो जाती हैं। ज्यादा से ज्यादा परिवार जब पीएनजी अपनाएंगे, तो आने वाले वक्त में एलपीजी सिलेंडर पर निर्भरता काफी कम हो जाएगी। हालांकि इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि सरकार एलपीजी सिलेंडर की सर्विस को बंद करने जा रही है।
जितनी गैस इस्तेमाल करो, उतना ही बिल भरो
जिन घरों में पीएनजी कनेक्शन होता है, वहां गैस की खपत को मापने के लिए एक मीटर लगा होता है। आप जितनी गैस खर्च करते हैं, बिल भी उसी हिसाब से आता है। हालांकि, यह भी सच है कि पीएनजी की सुविधा देश के हर कोने में उपलब्ध नहीं है। नया कनेक्शन लेने का खर्च और गैस की कीमत इस बात पर निर्भर करती है कि आप किस इलाके में रहते हैं और वहां कौन सी गैस कंपनी अपनी सर्विस दे रही है। इसलिए एलपीजी और पीएनजी में से कौन सा विकल्प ज्यादा सस्ता पड़ेगा, यह जगह-जगह के हिसाब से अलग हो सकता है।
चालू किए जाएंगे 40 लाख पुराने बंद पड़े कनेक्शन
सरकार का मकसद सिर्फ नए घरों को पीएनजी से जोड़ना ही नहीं है, बल्कि पुराने नेटवर्क को भी एक्टिव करना है। एक रिपोर्ट के मुताबिक देश में करीब 40 लाख ऐसे पीएनजी कनेक्शन हैं जो पहले लिए तो गए थे, लेकिन फिलहाल उनका इस्तेमाल नहीं हो रहा है। ‘National PNG Drive 3.0’ के तहत इन सभी बंद पड़े कनेक्शनों को दोबारा चालू करने का टारगेट भी सेट किया गया है। पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने इस अभियान का आगाज करते हुए बताया था कि नए ग्राहकों को जोड़ने के साथ-साथ पुराने बेकार पड़े कनेक्शनों को फिर से चालू करना इस योजना का बेहद अहम हिस्सा है।
मौजूदा पाइपलाइन का होगा भरपूर इस्तेमाल
पीएनजीआरबी के आंकड़ों के मुताबिक देश भर में करीब 6.88 लाख इंच-किलोमीटर लंबी गैस पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है। मंत्रालय का साफ कहना है कि हमारे मौजूदा नेटवर्क में अभी इतनी क्षमता है कि बड़ी संख्या में नए कनेक्शन जोड़े जा सकें। इसलिए जिन इलाकों में पाइपलाइन पहले से ही मौजूद है, वहां ज्यादा से ज्यादा घरों को इस नेटवर्क से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है।
छोटे शहरों और गांवों पर भी सरकार की पैनी नजर
सरकार पीएनजी योजना को सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित नहीं रखना चाहती है। इस नए अभियान के तहत छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों तक भी गैस पाइपलाइन का नेटवर्क फैलाने पर खास ध्यान दिया जा रहा है। इससे उन तमाम परिवारों को भी भविष्य में पाइप वाली सस्ती और आसान गैस का विकल्प मिल जाएगा, जो अभी तक पूरी तरह से सिर्फ एलपीजी सिलेंडर पर ही निर्भर हैं।
क्या आपके घर से भी हट जाएगा एलपीजी सिलेंडर?
अगर आपके इलाके में पीएनजी की पाइपलाइन पहुंच चुकी है या आने वाले समय में पहुंचने वाली है, तो आपके पास एलपीजी के साथ-साथ पाइप वाली गैस चुनने का बेहतरीन विकल्प होगा। सरकार ‘National PNG Drive 3.0’ को देश में गैस की पहुंच को आसान बनाने और ‘वन नेशन, वन गैस ग्रिड’ के सपने को पूरा करने की दिशा में एक बहुत बड़ा कदम मान रही है। हालांकि, किसी भी परिवार के लिए पीएनजी लेना फायदेमंद रहेगा या एलपीजी इस्तेमाल करते रहना बेहतर होगा, यह स्थानीय गैस की कीमत, कनेक्शन का खर्च और आपके इलाके में पीएनजी की उपलब्धता पर पूरी तरह निर्भर करेगा।
No comments