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लव मैरिज के दो साल बाद मिली मौत, पति ने सुपारी देकर कराया मर्डर. जबलपुर में हुई कविता हत्याकांड की पूरी कहानी

लव मैरिज के दो साल बाद मिली मौत, पति ने सुपारी देकर कराया मर्डर. जबलपुर में हुई कविता हत्याकांड की पूरी कहानी


कविता को कभी मालूम नहीं होगा कि वो जिसके साथ जीवन बिता रही है, वही उसकी हत्या का प्लान तैयार करेगा. कविता ने अपने परिवार से दूरी बनाकर लव मैरिज की थी. लेकिन आरोपी ने पैसों के लालच के लिए प्लान बनाकर उसकी हत्या करा दी.


पुलिस की तकनीकी जांच ने इस पूरी कहानी का राज खोल दिया. लेकिन सवाल सिर्फ इतना नहीं है कि कविता की हत्या क्यों हुई. सवाल ये है कि आखिर पति ने अपनी ही गर्भवती पत्नी को रास्ते से हटाने की साजिश क्यों रची. क्या मकसद सिर्फ लाखों का बीमा क्लेम था, या पति-पत्नी के रिश्ते में चल रहे विवाद ने इस खूनी साजिश को जन्म दिया.

आरोपी पति ने अपनी उम्र से चार साल बड़ी पत्नी को रास्ते से हटाने के लिए तीन कॉन्ट्रैक्ट किलर हायर किए और हत्या को सड़क हादसे का रूप देने की पूरी प्लानिंग की. पत्नी की मौत के बाद यही पति उसके शव से लिपट-लिपटकर रो रहा था, मातम मना रहा था और खुद को पत्नी की मौत से टूटा हुआ दिखा रहा था. लेकिन पुलिस की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, वही शख्स इस पूरी साजिश का मास्टरमाइंड निकला. जिस घटना को आरोपी पति ने मौत का हादसा समझकर दफन करने की कोशिश की, पुलिस की तकनीकी जांच ने उसी हादसे के पीछे छिपी हत्या की साजिश को बेनकाब कर दिया.

लेकिन सबसे बड़ा खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट से हुआ… जिस कविता चौधरी को पुलिस पहले सड़क हादसे का शिकार मानकर जांच कर रही थी, वह तीन महीने की गर्भवती थी. यानी जिस बच्चे ने अभी दुनिया में कदम भी नहीं रखा था, उसने मां के साथ ही इस दुनिया को अलविदा कह दिया. आखिर क्या है घटना की पूरी इनसाइड स्टोरी… पढ़िए TV9 भारतवर्ष पर

गर्भवती पत्नी की पति क्यों कराई हत्या?

दरअसल, यह पूरी घटना जबलपुर के पाटन थाना क्षेत्र के नुनसर पुलिस चौकी से कुछ दूरी है. 2 सितंबर की रात नुनसर चौकी प्रभारी को डायल 112 के माध्यम से सूचना मिली कि हटेपुर रानीताल गांव के पास एक अज्ञात महिला का शव पड़ा है. प्रथम दृष्टया ऐसा लग रहा है कि किसी वाहन की टक्कर से उसकी मौत हुई है. सूचना पर पहुंची पुलिस ने महिला शिनाख्त 31 वर्षीय कविता चौधरी के रूप में की. शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और घटनास्थल की परिस्थितियों को देखते हुए शुरुआत में एक्सीडेंट का मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई.

लेकिन जांच के दौरान पुलिस को कुछ ऐसे तकनीकी साक्ष्य मिले, जिनसे घटना सामान्य सड़क दुर्घटना नहीं लग रही थी. पुलिस ने घटनास्थल और आसपास की गतिविधियों की जांच शुरू की. इसी तकनीकी जांच के आधार पर कुछ संदिग्ध नंबर सामने आए. पुलिस ने इन नंबरों से जुड़े तीन लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया. सघन पूछताछ में तीनों ने हत्या की साजिश और वारदात में अपनी भूमिका स्वीकार कर ली.

पुलिस के अनुसार, कविता चौधरी के पति प्रयास पांडे ने लॉ की पढ़ाई की है और वह पाटन में नोटरी का काम करता था. वहीं कविता एक फाइनेंस कंपनी में काम करती थी. पुलिस जांच में सामने आया है कि प्रयास पांडे ने नोटरी की दुकान में साथ में काम करने वाले अपने साथी मानसिंह लोधी के साथ बैठकर पूरी घटना की स्क्रिप्ट तैयार की, इसके बाद साथी मानसिंह पटेल ने इस पूरी वारदात में पाटन के रहने वाले अन्य तीन युवक विक्रम अहिरवार, धनीराम उर्फ करिया और रामजी चौधरी को शामिल किया. स्क्रिप्ट के अनुसार पत्नी कविता की हत्या के लिए उन्हें तैयार किया.

पति ने बनाया था फुल प्रूफ प्लान

आरोपी प्रयास कानून का जानकार था, इसलिए उसने उसका भरपूर उपयोग किया कि कविता भी रास्ते से हट जाए और उसके मरने के बाद करोड़ों की रकम भी मिल जाए. साजिश को इस तरह तैयार किया गया कि हत्या सीधे हत्या न लगे, बल्कि सड़क हादसा दिखाई दे. इसके लिए कथित तौर पर वारदात में इस्तेमाल पिकअप वाहन को घटना के करीब एक महीने पहले वाहन विक्रम अहिरवार के नाम से किराए पर लिया गया. मकसद यह था कि घटना से ठीक पहले वाहन लेने पर किसी को शक न हो और यह सामान्य तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा वाहन लगे.

पुलिस के मुताबिक, 3 सितंबर को प्रयास पांडे ने हत्या के लिए हायर किए गए तीनों आरोपियों को पाटन कचहरी के सामने नोटरी की दुकान बुलाया और मानसिंह और प्रयाश ने अपनी पत्नी की पहचान से जुड़ी पूरी जानकारी दी. उसने पत्नी की लाल रंग की स्कूटी एमपी 20 जेडआर 4113 का नंबर दिखाया और मोबाइल में उसकी फोटो भी दिखाई. इसके बाद वारदात के लिए जगह और समय तय किया गया. प्रयास इतना शातिर था कि उसने कभी इन आरोपियों से फोन पर बातचीत नहीं की, जिससे किसी को शक भी ना हो.

पुलिस की जांच के मुताबिक, प्रयास पांडे ने तीनों आरोपियों से कहा था कि घटना वाले दिन वह अपनी पत्नी को किसी काम से शाम करीब 8 से 9 बजे के बीच उसी रास्ते से भेजेगा. तीनों को पहले से हटेपुर रानीताल गांव के पास पहुंचकर घात लगाकर बैठने को कहा गया. योजना के मुताबिक तीनों आरोपी पहले से लोडिंग वाहन एमपी 20 जेडआर 4113 लेकर मौके पर मौजूद थे. जैसे ही कविता अपनी लाल रंग स्कूटी से वहां पहुंची, आरोपियों ने पिकअप वाहन से उसे टक्कर मारी और वाहन सिर पर चढ़ाकर उसकी हत्या कर दी. इसके बाद तीन आरोपी लोडिंग वाहन लेकर मौके से फरार हो गए.

दो साल पहले की थी लव मैरिज

पुलिस जांच में पति-पत्नी के संबंधों को लेकर भी अहम जानकारी सामने आई है. पुलिस के अनुसार, प्रयास पांडे और कविता चौधरी सोशल मीडिया के जरिए एक दूसरे से मिले और वर्ष 2022 से 2024 के बीच एक-दूसरे के संपर्क में थे और बातचीत करते थे. बाद में, दोनों ने वर्ष 2024 में कोर्ट मैरिज कर ली. शादी के बाद दोनों भेड़ाघाट इलाके के आमा हिनोता गांव में एक किराए के मकान में साथ रहने लगे थे, जहां प्रयास यही से प्रतिदिन काम के लिए पाटन आया जाया करता था.

जांच के दौरान यह बात भी सामने आई है कि जब दोनों की बातचीत शुरू हुई और वे एक-दूसरे के संपर्क में आए, तब कविता गर्भवती हो गई थी. प्रयास के काफी समझाने के बाद कविता ने शादी करने की बात पर हामी भर दी और अबॉर्शन कराया गया था. इसके बाद प्रयास ने परिवार के खिलाफ जाकर वर्ष 2024 में कविता से लव मैरिज की थी, लेकिन चंद दिनों बाद ही उसे उसके बीमा की पॉलिसी के बारे में पता चला, तभी उसके मन में लालच आ गया.

सुपारी देकर कराई हत्या

पुलिस के मुताबिक हत्या के लिए हायर किए गए तीन आरोपियों को रकम एक साथ नहीं दी गई थी. अलग-अलग समय पर उन्हें पैसे दिए गए. अब तक की जांच में करीब 70 से 80 हजार रुपये की रकम दिए जाने की जानकारी सामने आई है. आरोपियों की रिश्तेदार के खाते में करीब 40 हजार ऑनलाइन भेजे गए और दूसरी बार 15 हजार, तीसरी बार 22 हजार और एक बार पांच हजार रुपये नगद दिए.

पुलिस ने वारदात को अंजाम देने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. इनमें 31 वर्षीय विक्रम अहिरवार, 22 वर्षीय धनीराम उर्फ करिया और 21 वर्षीय रामजी चौधरी शामिल हैं जो तीनों पाटन क्षेत्र के चौधरी मोहल्ला के रहने वाले बताए गए हैं. पुलिस ने तीनों को न्यायालय के समक्ष पेश कर दिया है. वारदात में इस्तेमाल पिकअप वाहन भी जब्त कर लिया गया है.

वहीं इस मामले का मुख्य आरोपी और मृतिका का पति प्रयास पांडे अभी फरार है. उसके साथ काम करने वाला मानसिंह लोधी भी फरार बताया जा रहा है. दोनों की तलाश के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें लगाई गई हैं. एक टीम नुनसर पुलिस चौकी से और दूसरी टीम पाटन थाना की है जो आरोपियों की तलाश कर रही है.

पैसों के लालच में रची साजिश

पुलिस की प्राथमिक जांच में हत्या के पीछे इंश्योरेंस की रकम एक अहम संभावित वजह के तौर पर सामने आई है. पुलिस के मुताबिक मृतिका के नाम टाटा एआईए का 25 लाख रुपए करीब का इंश्योरेंस होने की जानकारी मिली है. साथ ही यह बात भी सामने आई है कि कविता की एलआईसी में एक करीब 70 लाख रुपए की पॉलिसी है. इसके अलावा मृतिका के नाम हेल्थ इंश्योरेंस और एक-दो अन्य बीमा पॉलिसियां होने की जानकारी भी पुलिस को मिली है.

अब पुलिस संबंधित बीमा कंपनियों से पत्राचार कर यह पता लगा रही है कि इन पॉलिसियों में नॉमिनी कौन है और दुर्घटना की स्थिति में कितनी राशि का क्लेम बनता है. साथ ही पुलिस इस एंगल की भी जांच कर रही है कि कहीं मोटर व्हीकल एक्सीडेंटल क्लेम के जरिए भी आर्थिक लाभ लेने की योजना तो नहीं बनाई गई थी. क्या घटना से पहले पिकअप वाहन का इंश्योरेंस कराया गया था.

परिजनों से पुलिस कर रही पूछताछ

हालांकि पुलिस का कहना है कि परिवार के सदस्यों के बयान अभी लिए जाने बाकी हैं और इस दिशा में जांच जारी है. वही पुलिस अधिकारियों के मुताबिक पीएम रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है कि कविता चौधरी करीब तीन माह की गर्भवती थी. वही प्रयास पांडे का परिवार दोनों की शादी के खिलाफ था. क्योंकि प्रयास एक ब्राह्मण परिवार से आता था और कविता चौधरी थी. इस कारण परिवार में सारे रिश्ते नाते खत्म कर दिए थे. वहीं कविता के परिवार ने भी प्रयास से शादी करने के बाद दोबारा संपर्क नहीं किया.

फिलहाल पुलिस की जांच का सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इंश्योरेंस की रकम ही हत्या की पूरी साजिश का मुख्य मकसद थी या इसके पीछे कोई और वजह भी थी. पति प्रयास पांडे और उसके साथी मानसिंह लोधी की गिरफ्तारी के बाद ही इस साजिश की पूरी तस्वीर और साफ होने की उम्मीद है. फिलहाल पुलिस आरोपी पति प्रयास पांडे और मानसिंह लोधी की तलाश में नुनसर पुलिस चौकी और पाटन थाना की दो टीमें लगातार छापेमारी कर रही है. पुलिस का दावा है कि जल्द ही दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा और घटना की मुख्य वजह सामने आ सकेगी.

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