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लोक सेवा आयोग भर्ती प्रक्रिया बदले , पीएम बोले, भविष्य की जरूरतों के अनुसार बदलाव जरूरी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि संघ लोक सेवा आयोग और राज्य चयन आयोगों को भविष्य की जरूरतों के अनुसार चयन के मानदंड और भर्ती प्रक्रिया में बदलाव करना चाहिए। प्रधानमंत्री ने गुरुवार को यहां भारत मंडपम में संघ लोक सेवा आयोग के शताब्दी समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि चयन प्रक्रिया में केवल शैक्षणिक ज्ञान नहीं, बल्कि जनसेवा की प्रेरणा, जटिल समस्याओं को हल करने की क्षमता और भविष्य की चुनौतियों को समझने की क्षमता को भी परखा जाना चाहिए। 

उन्होंने कहा कि 21वीं सदी के प्रशासन का आधार जनहितैषी, सक्रिय और सुशासन होना चाहिए। ‘नागरिक देवो भव’ को प्रशासन का मूल बताते हुए उन्होंने कहा कि नागरिक सेवा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने भर्ती प्रक्रिया में ऐसे अधिकारियों के चयन पर जोर दिया, जो समस्याओं का पहले से अनुमान लगाएं, नए समाधान खोजें और कानूनों के असर को नागरिकों के नजरिए से समझें। प्रधानमंत्री ने परीक्षाओं को कराने में लगने वाले समय को कम करने पर जोर देते हुए कहा कि यह एक बहुत अहम विषय है। प्रधानमंत्री ने कहा कि

परीक्षा को हमें केवल एक इवेंट की तरह नहीं देखना है। यह इवेंट से कहीं अधिक युवाओं के भविष्य से, उनके जीवन से जुड़ा हुआ विषय है।

परीक्षाओं में कुछ महीनों की देरी युवाओं के लिए बड़ा संकट बन सकती है। कोङ्क्षचग की फीस, रेंट, ट्रांसपोर्ट का खर्च, यह बहुत बड़ा बोझ उस परिवार पर होता है, इसलिए हमारी परीक्षा प्रणाली में समय की निश्चितता के सिद्धांत को अपनाना बहुत आवश्यक है। श्री मोदी ने कहा कि 2047 तक देश में तेजी से शहरीकरण होगा और गांवों तथा शहरों के बीच का अंतर कम होगा। 

ऐसे में युवाओं की अपेक्षाएं बढ़ेंगी और एआई आधारित तत्काल सेवाओं के दौर में प्रशासन को भी उसी गति से बदलना होगा। भविष्य के सिविल सेवकों को सूचना युद्ध, डीपफेक, एल्गोरिदम आधारित पक्षपात और जलवायु न्याय जैसी नई चुनौतियों से भी निपटना होगा। इसके लिए चयन प्रक्रिया में जटिल समस्या समाधान और दूरदृष्टि को प्राथमिकता देनी होगी। 

संघ लोक सेवा आयोग की 100 साल की यात्रा का उल्लेख करते हुए श्री मोदी ने कहा कि आयोग की विश्वसनीयता बदलती पीढिय़ों, सरकारों, तकनीक और पाठ्यक्रम के बावजूद बनी रही है। इस मौके पर स्मारक डाक टिकट, विशेष सिक्का और 100 महत्त्वपूर्ण मामलों का संकलन जारी किया गया।

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