Una: दुष्कर्म के दोषी को 20 साल का कठोर कारावास
ऊना। स्पेशल जज ऊना डीआर ठाकुर की अदालत ने शुक्रवार को 12 साल नौ माह की नाबालिग को जबरन भगाने एवं उसके साथ दुष्कर्म करने के दोषी को 20 साल का कठोर कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने आरोपी सलीम मोहम्मद (22) जिला ऊना को दोषी करार देते हुए विभिन्न धाराओं में कठोर कारावास भुगतने एवं 32 हजार रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई।
जुर्माना न देने पर तीन साल का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। जिला न्यायवादी भीषम चंद ने बताया कि सात फरवरी 2018 को 12 वर्षीय नाबालिग पीड़िता के पिता ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसकी बेटी कहीं खो गई है। उसका कोई अता-पता नहीं लग रहा है। इसी दौरान उसने बेटी को तलाश करते-करते मोहम्मद सलीम को अपनी बाइक पर पीड़िता को कहीं ले जाते हुए देखा। नाबालिग के पिता ने सलीम की बाइक रोकने की कोशिश की, लेकिन वह वहां से भाग निकला। इसकी सूचना उसने फौरन बाइक नंबर सहित पुलिस को दी। पुलिस ने आरोपी को झलेड़ा में लापता नाबालिगा के साथ धर दबोचा। बच्ची का मेडिकल करवाया गया, जिसमें उसके साथ दुष्कर्म की पुष्टि हुई। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर मामला दर्ज कर लिया। मामले की जांच के बाद आरोपी को कोर्ट में चार्जशीट किया गया।
कोर्ट में मामले की पैरवी करने वाले जिला न्यायवादी भीष्म चंद ने बताया कि मामले की तहकीकात अंब के तत्कालीन एसएचओ इंस्पेक्टर दर्शन सिंह ने की थी। वहीं अभियोजन पक्ष की ओर से मामले में 21 गवाह पेश किए गए। स्पेशल जज डीआर ठाकुर की अदालत ने सलीम मोहम्मद को दोषी करार देते हुए 376 आईपीसी के तहत 20 साल कठोर कारावास भुगतने और 15 हजार जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई। जुर्माना न देने पर उसे 3 साल का साधारण कारावास भुगतना होगा, धारा 363 के तहत 5 साल कठोर कैद, दो हजार रुपये जुर्माना, जुर्माना न देने पर 6 माह की साधारण कैद, धारा 366 के तहत 7 साल की कठोर कैद, 5 हजार रुपये जुर्माना और जुर्माना न देने पर 1 साल की साधारण कैद, धारा 506 के तहत एक साल कठोर कैद, जबकि पोक्सो एक्ट की धारा 4 के तहत 10 साल कठोर कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माना, जुर्माना न देने पर दो साल की साधारण कैद भुगतनी होगी।
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