Chamba: घर-घर जाकर बहरेपन की जांच करेंगी आशा वर्कर्ज

चंबा-विश्व श्रवण दिवस के उपलक्ष्य पर मुख्य चिकित्साधिकारी के कार्यालय परिसर में मंगलवार को विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य चिकित्साधिकारी चंबा डा. राजेश गुलेरी ने की। उन्होंने कहा कि विश्व स्वास्थ संगठन के अनुसार विश्व भर में 46.6 करोड़ लोग बहरेपन का शिकार हैं और भारत में लगभग 6.3 करोड़ लोगों को बहरेपन अथवा कम सुनाई देने की समस्या से ग्रसित हैं। राष्ट्रीय बहरापन रोकथाम कार्यम के तहत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में व उच्च स्वास्थ्य संस्थाओं में कान की आम बीमारियों के निदान तथा उपचार की सुविधा उपलब्ध हैं।
जटिल रोगों के उपचार के लिए मरीजों को उपयुक्त स्वास्थ्य संस्थानों में रैफर किया जाता है। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत एक से 18 वर्ष आयु की वार्षिक जांच का प्रावधान है, जिसमें कानों की देखभाल भी की जाती है। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री निरोग योजना के अंतर्गत 18 वर्ष से अधिक आयु के सभी लोगों की वार्षिक जांच का प्रावधान है, जिसमें कानों की बीमारियों व बहरापन के निदान एवं उपचार के लिए लोगों को जागृत करना भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि तीन मार्च को विश्व श्रवण दिवस मनाया जाता है, जिसका मुख्य उद्देश्य लोगों को बहरेपन के बारे में जागरूक करना है।
इस अवसर पर जिला स्वास्थ्य अधिकारी डा. गुरमीत कटोच ने कानों का विशेष ध्यान रखने को लेकर जागरूक किया। जिला कार्यक्रम अधिकारी डा. हरित पुरी ने बताया कि तीन से 17 मार्च तक प्रदेश में बहरापन रोकथाम पखवाड़ा मनाया जा रहा है, जिसमें आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों के हेल्थ कार्ड भरेंगी और उनका मार्गदर्शन भी करेंगी। इस अवसर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी डा. जालम सिंह भारद्वाज सहित स्वास्थ्य पर्यवेक्षक और स्वास्थ्य कर्मी मौजूद रहे।
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