Kangra: डढंभ की पहली बेटी सेना में लेफ्टिनेंट

धर्मशाला – क्षेत्र के चड़ी डढंभ की बेटी क्षितिजा गौतम ने गौरवमयी उपलब्धि हासिल की है। वह सेना में कमीशन पास कर लेफ्टिनेंट बनी हैं। क्षितिजा सेना में जाने वाली परिवार की पहली सदस्य होने के साथ-साथ क्षेत्र की पहली लेफ्टिनेंट युवति भी बन गई हैं। डीएवी गोहजू और धर्मशाला में पढ़ने के बाद क्षितिजा ने बीएससी नर्सिंग की डिग्री हासिल कर अस्पताल प्रबंधन में एमबीए भी की। इसके बाद मोहाली में प्रतिष्ठित अस्पतालों फोर्टिस और मैक्स में प्रशिक्षक व शिक्षका के रूप में भी सेवाएं दी। इसी दौरान उन्होंने चंडीगढ़ में आयोजित भारतीय सौंदर्य प्रतियोगिता में भी फाइल तक पहुंच कर अपना लोहा मनवाया। क्षितिजा के पिता सतेंद्र गौतम बीएसएनएल से सेवानिवृत्त हुए हैं, जबकि माता शिक्षक के रूप में सेवाएं दे रही हैं। जबकि भाई सवप्निल बाणिज्य में स्नातकोतर की पढ़ाई कर रहा है। क्षितिजा अपनी सफलता का श्रेय अपने संयुक्त परिवार को दे रही हैं। उनका कहना है कि ईमानदारी से की गई मेहनत कभी व्यर्थ नहीं जाती। लक्ष्य निर्धारित का आगे बढ़ने को प्रयास करते रहना चाहिए।
माता-पिता से बेटी की उपलब्धि पर बातचीत
प्रश्न- आपने अपनी बेटी को शुरुआत से ही किस तरह तैयार किया।
उतर- शायद हम दोनों का देश प्रेम और सेना के प्रति आदर ही इस तैयारी की अदृश्य नींव बनी।
प्रश्न- इतनी आत्मशक्ति कैसे भरी कि वह ऐसी ऊंचाई हासिल कर पाई।
उतर- कुछ सीखने की ललक ने उसको इस बात का अहसास करवा दिया था कि कुछ पाने के लिए आत्मशक्ति ही परम संबल है।
प्रश्न -आपकी बच्ची ने इस फील्ड का चुनाव कैसे किया।
उतर- परिवारिक और सामाजिक परिवेश के सेना के प्रति सम्मान ने ही इस क्षेत्र में जाने को प्रोत्साहित किया।
प्रश्न- यह कोई सामान्य उपलब्धि नहीं, इसलिए तैयारी का पैमाना क्या रहा।
उतर- बेटी ने चंडीगढ़ में प्रतिष्ठित निजी चिकित्सा संस्थानों में शिक्षण और प्रशिक्षण कार्य किया इससे उसे स्वयं भी सहायता मिली।
प्रश्न- वर्तमान माहौल में बेटी को अपने लक्ष्य के प्रति पूर्ण समर्पित बनाए रखने के लिए आपने क्या कदम उठाए और इसके लिए क्या-क्या कुर्बानियां दीं।
उतर-संतान के सेना में किसी भी अंग में पर्दापण करते ही अभिभावकों समझ लेना चाहिए कि अब व्यक्तिगत और पारिवारिक जीवन मे कुछ बलिदान अवश्य करने होंगे।
No comments