‘जल्दी आ जाइये अमित जी, गर्मी में खड़ी हूं’, महिला एडवोकेट ने की शिकायत तो अमित शाह बोले- 10 मिनट में पहुंच रहा हूं, तनुश्री

- पश्चिम बंगाल में चुनावी प्रचार के बीच अनोखा वाकया, इंस्टाग्राम पर शिकायत का खुद गृहमंत्री ने दिया जवाब
- रोड शो में देरी पर अमित शाह ने महिला वकील से मांगी माफी, सोशल मीडिया पर वायरल हुआ जवाब
नई दिल्ली। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह इन दिनों पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल के बीच लगातार रैलियां और रोड शो कर रहे हैं। इसी दौरान एक ऐसा दिलचस्प वाकया सामने आया, जिसने सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींच लिया है। एक महिला एडवोकेट की शिकायत पर खुद गृहमंत्री अमित शाह ने जवाब देते हुए न सिर्फ माफी मांगी, बल्कि जल्द पहुंचने का भरोसा भी दिया।
दरअसल, टीएमसी को सत्ता से बेदखल करने के लिए भाजपा ने पूरी ताकत झोंक दी है। नरेंद्र मोदी समेत पार्टी के कई बड़े नेता लगातार चुनाव प्रचार में जुटे हुए हैं। इसी क्रम में अमित शाह का एक भव्य रोड शो प्रस्तावित था, जिसे देखने के लिए भारी संख्या में लोग सड़कों पर जमा थे। चिलचिलाती गर्मी के बीच समर्थक काफी देर से उनके आने का इंतजार कर रहे थे।
जल्दी आ जाइये अमित जी – एडवोकेट तनुश्री
इसी भीड़ में शामिल थीं पेशे से वकील तनुश्री सरकार। जब तय समय पर अमित शाह का काफिला नहीं पहुंचा, तो उन्होंने अपनी परेशानी जाहिर करते हुए सीधे उनके इंस्टाग्राम पोस्ट पर कमेंट कर दिया- “जल्दी आ जाइये अमित जी… खड़े हैं हम लोग रोड शो के लिए, गर्मी में बहुत देर से।”
आमतौर पर बड़े नेताओं के सोशल मीडिया अकाउंट्स पर लाखों प्रतिक्रियाएं आती हैं, ऐसे में किसी एक आम नागरिक के कमेंट का जवाब मिलना बेहद दुर्लभ होता है। लेकिन इस बार कुछ अलग हुआ।
अमित शाह बोले- बस, 10 मिनट में पहुंच रहा हूं
गृहमंत्री अमित शाह के आधिकारिक इंस्टाग्राम हैंडल से तनुश्री के कमेंट का सीधा जवाब आया। उन्होंने लिखा- “एडवोकेट तनुश्री, देरी के लिए माफी। 10 मिनट में वहां पहुंच रहा हूं।”
गृहमंत्री के इस जवाब ने न सिर्फ तनुश्री को चौंकाया, बल्कि सोशल मीडिया पर भी यह बातचीत तेजी से वायरल हो गई। लोग इसे नेताओं की जवाबदेही और आम जनता से जुड़ाव का उदाहरण बता रहे हैं।
इस पूरे घटनाक्रम के स्क्रीनशॉट्स सोशल मीडिया पर तेजी से शेयर किए जा रहे हैं। कई यूजर्स अमित शाह की सादगी और त्वरित प्रतिक्रिया की सराहना कर रहे हैं, तो कुछ इसे चुनावी माहौल में जनता से जुड़ने की रणनीति के तौर पर भी देख रहे हैं।
चुनावी गर्मी के बीच घटी इस छोटी लेकिन खास घटना ने राजनीतिक माहौल में एक अलग ही चर्चा छेड़ दी है, जहां एक ओर बड़े स्तर पर रैलियां और रणनीतियां चल रही हैं, वहीं दूसरी ओर आम नागरिक की आवाज पर त्वरित प्रतिक्रिया भी देखने को मिली है।
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